क्राइम रिपोर्टर – राजकुमार यादव –
वर्ष 2026 में क्राइम ब्रांच इंदौर द्वारा 6,79,63,017/- (छः करोड़ उन्यासी लाख तिरेसठ हजार सत्रह रुपये) की राशि सकुशल आवेदकों को वापस कराई है।
350 से अधिक हैक किए गए सोशल मीडिया (Facebook, Instagram) अकाउंट्स को रिकवर कराया गया है।
आवेदकों के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर बनाए गए 450 से अधिक फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक कराए गए हैं।

साइबर ठगी के प्रमुख तरीके:-
APK फ्रॉड: फर्जी ऐप के जरिए मोबाइल का एक्सेस लेकर बैंक खाते से राशि निकालना।
इन्वेस्टमेंट एवं टास्क फ्रॉड: ऑनलाइन ट्रेडिंग, गेमिंग एवं वर्क फ्रॉम होम के नाम पर ठगी।
डिजिटल अरेस्ट फ्रॉड: फर्जी पुलिस, CBI एवं कस्टम अधिकारी बनकर डराना और पैसे ऐंठना।
AI डीपफेक एवं वॉइस क्लोनिंग: परिचितों की आवाज या चेहरा बनाकर आपातकाल के नाम पर पैसे मांगना।
फर्जी लोन ऐप फ्रॉड: तत्काल लोन देकर मनमाना ब्याज वसूलना एवं फोटो से ब्लैकमेल करना।
बैंकिंग एवं KYC फ्रॉड: बैंक अधिकारी बनकर KYC, PAN एवं क्रेडिट कार्ड अपडेट के नाम पर ठगी।
बिजली बिल फ्रॉड: कनेक्शन काटने का फर्जी SMS भेजकर रिमोट एक्सेस ऐप डाउनलोड करवाना।
साइबर धोखाधड़ी होने पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं!
यदि आपके साथ किसी भी प्रकार की साइबर धोखाधड़ी होती है, तो घबराएं नहीं। बिना विलंब किए तत्काल निम्नलिखित माध्यमों पर शिकायत दर्ज कराएं:
क्राइम ब्रांच इंदौर साइबर हेल्पलाइन: 704912-4445
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन: 930
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल: www.cybercrime.gov.in
ध्यान रखें साइबर धोखाधड़ी की सूचना जितनी जल्दी दी जाएगी, ठगी की राशि को संबंधित बैंक खाते में होल्ड कराने एवं वापस प्राप्त करने की संभावना उतनी ही अधिक हो सकती है।
सतर्क रहें, सुरक्षित रहें।
साइबर अपराध के विरुद्ध जागरूक बनें।
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